Current Affairs
1.असम : राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर में 40 लाख लोग शामिल नहीं
• असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का अंतिम मसौदा 2.89 करोड़ नामों के साथ सोमवार को जारी किया गया लेकिन इसमें 40 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। अंतिम मसौदे में कुल 3,29,91,384 आवेदकों में से 2,89,84,677 के नाम शामिल किए गए हैं लेकिन 40,07,707 आवेदकों के नाम छोड़ दिए गए हैं।
• अंतिम मसौदे को जारी करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत के महापंजीयक शैलेश ने कहा, यह एनआरसी के अंतिम मसौदे के प्रकाशन के रूप में एक मील का पत्थर साबित होगा और यह हम सभी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने जोर दिया कि यह केवल अंतिम मसौदा था और सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद समग्र एनआरसी का प्रकाशन किया जाएगा।
• शैलेश ने कहा कि जिन लोगों को उनके नाम नहीं मिलते हैं, वे 30 अगस्त से 28 सितम्बर के बीच आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सात अगस्त से जिनके नाम छोड़े गए हैं, वे एनआरसी सेवा केंद्रों पर जाकर बहिष्कार के कारण पता कर सकेंगे और स्थानीय रजिस्ट्रार से पूछ सकेंगे। उन्होंने कहा, कोई भी व्यक्ति जो दावों और आपत्तियों के नतीजे से संतुष्ट नहीं है वह विदेशी मामलों से संबंधित न्यायाधिकरण के सामने अपील दायर कर सकता है।
• आरजीआई ने पूर्ण एनआरसी के प्रकाशन के लिए समय सीमा देने से इनकार कर दिया क्योंकि दावा केवल दावों और आपत्तियों को दर्ज कराने के बाद के चरण से ही संभव होगा। राज्य एनआरसी के मुख्य समन्वयक प्रतीक हाजेला ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार अंतिम मसौदे से चार श्रेणियों के नाम छोड़ दिए गए हैं।
2. होम्योपैथी परिषद (संशोधन) बिल पर लोकसभा की मुहर
• देश में हेम्योपैथी चिकित्सा शिक्षा के नियमन में पारदर्शिता लाने के लिए केंद्रीय होम्योपैथी परिषद की जगह संचालन मंडल के गठन संबंधी विधेयक लोकसभा में आज ध्वनिमत से पारित हो गया। यह विधेयक इस संबंध में इस साल मई में लाये गये अध्यादेश की जगह लेगा। आयुष मंत्री श्रीपद यशो नाइक ने विधेयक पर र्चचा का जवाब देते हुये सदन को आश्वस्त किया कि संचालन मंडल का गठन सिर्फ एक साल के लिए किया जायेगा तथा इस अवधि से पहले ही होम्योपैथी परिषद् का चुनाव कराकर उसकी शक्ति बहाल कर दी जायेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार पारंपरिक चिकित्सा पण्रालियों के नियमन एवं विकास के लिए वृहद अधिनियम लाने पर विचार कर रही है।
• विधेयक के तहत केंद्र सरकार को परिषद् की जगह संचालन मंडल के गठन का अधिकार दिया गया है। संचालन मंडल में अधिकतम सात सदस्य होंगे तथा परिषद् के पुनर्गठन तक यह परिषद् की जिम्मेदारियां निभायेगा। साथ ही यह विधेयक किसी भी नये होम्योपैथी कॉलेजों की स्थापना, पुराने कॉलेजों में सीटें बढ़ाने या नये पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए केंद्र सरकार की पूर्वानुमति को अनिवार्य बनाता है।
• नाइक ने कहा कि सरकार आयुष के सभी पण्रालियों आयुव्रेद, योग, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी के नियमन एवं विकास के लिए एक नया अधिनियम लाने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। यह एक वृहद अधिनियम होगा। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी को सक्षम बनाने के लिए आयुष मंत्रालय का प्रयास जारी रहेगा।
• नाइक ने कहा कि अध्यादेश की जरूरत इसलिए पड़ी कि कॉलेजों में दाखिले का समय आ गया था और उससे पहले कॉलेजों का निरीक्षण कर उन्हें अनुमति देनी जरूरी थी। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिन में 50 प्रतिशत कॉलेजों में तथा दो महीने के सभी होम्योपैथी कॉलेजों में दाखिला शुरू हो जायेगा।
3. बच्चियों से दुष्कर्म पर मौत की सजा का बिल पास
• लोकसभा ने सोमवार को 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों को मौत की सजा देने वाले बिल को मंजूरी दे दी। यह बिल 21 अप्रैल को लाए गए आपराधिक कानून (संशोधन) अध्यादेश की जगह लेगा।
• अध्यादेश कठुआ में बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या और उन्नाव कांड के बाद लाया गया था। 1दो घंटे की बहस का जवाब देते हुए गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि इस कड़े कानून का उद्देश्य बच्चियों को सुरक्षा प्रदान करना है।
• उन्होंने कहा कि अभी तक की व्यवस्था में महिलाओं से दुष्कर्म पर कानून का प्रावधान था, लेकिन 12 और 16 वर्ष से छोटी बच्चियों के संदर्भ में ऐसा कोई कानून नहीं था।
• रिजिजू ने कहा कि यह कानून बच्चियों को सुरक्षा प्रदान करेगा। बहस के दौरान सदन की अध्यक्षता कर रहे उपाध्यक्ष एम थंबीदुरई ने कहा कि इस कानून के प्रावधानों का अधिक से अधिक प्रचार किया जाए। रिजिजू ने इस पर सहमति जताई। 1बहस के दौरान भाजपा की किरण खेर ने बिल को जहां महिलाओं के भविष्य का सुरक्षित करने वाला बताया, वहीं कांग्रेस की रंजीत रंजन ने बिहार के मुजफ्फरपुर बाल गृह में बच्चियों से दुष्कर्म का मुद्दा उठाया।
• एआइएमआइएम के असदुद्दीन ओवैसी ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि ऐसा अपराध करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन इस बिल में किए गए प्रावधानों के बाद देश सऊदी अरब व ईरान की कतार में खड़ा हो जाएगा। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने बिल में और सुधार की बात कहते हुए इसे प्रवर समिति में भेजने को कहा।’
• 12 साल से कम उम्र की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में कम से कम 20 वर्ष की सजा होगी। यह आजीवन कैद और मृत्यु दंड में भी बदल सकती है। 1’ 12 साल से कम उम्र की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आजीवन कैद और मृत्यु दंड का प्रावधान किया गया है।
• 16 साल से कम उम्र की लड़की से दुष्कर्म के मामले में न्यूनतम सजा को 10 वर्ष से बढ़ाकर 20 वर्ष कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सजा आजीवन कैद में भी बदल सकती है।
• सभी तरह के दुष्कर्म के मामलों में दो महीने में जांच पूरी करनी होगी।’ दो महीने में सुनवाई पूरी करनी होगी। पूरा मामला छह महीने में निपटाना होगा।
• 16 साल से कम उम्र की लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आजीवन कैद तक का प्रावधान रखा गया है।
• 16 साल से कम उम्र की लड़कियों से दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अंतरिम जमानत का प्रावधान नहीं रखा गया है।
• 16 साल से कम उम्र की लड़कियों से दुष्कर्म के मामले में जमानत पर निर्णय लेने से पहले कोर्ट को सरकारी वकील या पीड़ित पक्ष को नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का वक्त देना होगा।
4. अमेरिका ने नाटो देशों की तर्ज पर भारत को दिया रणनीतिक कारोबारी भागीदार का दर्जा
• भारत के साथ कारोबार से जुड़े कुछ मुद्दों पर पिछले कुछ महीनों से चल रहे तनाव के बीच अमेरिका ने एलान किया है कि वह भारत को रणनीतिक व्यापारिक भागीदार का दर्जा देने जा रहा है। यह एलान अमेरिका के वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस ने वाशिंगटन में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए अमेरिका की बहुप्रतीक्षित आर्थिक नीति की घोषणा करते हुए किया।
• अमेरिका के सबसे शक्तिशाली उद्योग चैंबरों की तरह से आयोजित एक समारोह में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के कई आला अधिकारियों ने संबोधित किया और उन सभी के भाषण का लब्बोलुबाव यह था कि हंिदू व प्रशांत महासागर के क्षेत्र में उनकी अर्थ नीति व कूटनीति में भारत का स्थान अहम होगा।
• अमेरिकी प्रशासन के इस एलान के साथ ही वहां के दो बड़े आर्थिक संगठनों यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डवलपमेंट (यूएसएड) और अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (एमचैम) ने आपस में एक समझौता किया है जिसका उद्देश्य भारत की आर्थिक चुनौतियों को दूर करने के लिए वे अमेरिकी सरकार व अमेरिकी कंपनियों के साथ उचित कदम उठाएंगे। लेकिन सबसे अहम एलान भारत को स्ट्रेटजिक ट्रेड पार्टनर का दर्जा देने का है।
• इसका मतलब यह हुआ कि भारत के साथ कारोबारी रिश्तों को नाटो (नार्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन) के सदस्य देशों के साथ कारोबार के तर्ज पर ही वरीयता दी जाएगी।
• नाटो अमेरिका की अगुआई में उत्तरी अमेरिका व यूरोपीय देशों का संगठन है, जिनके बीच रक्षा सहयोग का समझौता है। सनद रहे कि तकरीबन डेढ़ वर्ष पहले अमेरिका ने भारत को नाटो के सदस्य देशों की तरह ही रक्षा साङोदार का दर्जा दिया था। यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल के मुताबिक स्ट्रेटजिक ट्रेड ऑथोराइजेशन का दर्जा मिलने से भारत के साथ कारोबार करने के लिए वहां के निर्यातकों को अब कम लाइसेंस लेने की जरूरत होगी।
• इससे कुछ ही देर पहले यूएसएड और अमेरिकी चैंबर की तरफ से यह एलान किया गया कि वह आपस में एक समझौता कर रहे हैं। इसका मकसद यह है कि अमेरिकी उद्योग जगत और वहां की सरकार संयुक्त तौर पर भारत की सबसे बड़ी चुनौतियों के अलावा ऊर्जा, जल संसाधन व महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सहयोग दिया जाए।
5. वोडाफोन - आइडिया की विलय प्रक्रिया पूरी
• दूरसंचार क्षेत्र में जारी गलाकट प्रतिस्पर्धा से टक्कर के लिए आइडिया सेलुलर और वोडाफोन इंडिया के विलय के लिए सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। इसके लिए लगभग सभी औपचारिकतायें भी पूरी हो गई हैं। शीघ्र ही विलय वाली कंपनी ‘‘वोडाफोन आइडिया लिमिटेड’ नाम से परिचालन शुरू करेगी।
• आइडिया सेलुलर ने सोमवार को जारी तिमाही वित्तीय लेखाजोखा में कहा कि वोडाफोन इंडिया लि. और वोडाफोन माबाइल सर्विसेस लि. का आइडिया में विलय को दूरसंचार विभाग की मंजूरी मिल गयी है और वह विलय प्रक्रिया के अंतिम चरण में है। उसने कहा कि विलय वाली कंपनी वोडाफोन आइडिया लि. के नाम से संचालन करेगी और वह 40.8 करोड़ ग्राहकों के साथ देश की सबसे बड़ी और दुनिया की दूसरी बड़ी दूरसंचार कंपनी होगी।
• उसने कहा कि दोनों कंपनियां अभी इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग के तहत काम कर रही है और 66 हजार टेलीकाम टावरों पर शेयरिंग की जा रही है।उल्लेखनीय है कि उद्योगपति मुकेश अंबानी की दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो के सेवा प्रारंभ करने के बाद शुरू हुयी गलाकट प्रतिस्पर्धा की वजह से भारतीय दूरसंचार क्षेत्र को भारी आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह से कई छोटी कंपनियों का पहले की दूसरी कंपनियों में विलय हो चुका है या बंद हो चुकी है।
• वोडाफोन और आइडिया सेलुलर का विलय इस उद्योग के लिए बड़ी घटना है। उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ वर्षों में भारतीय दूरसंचार बाजार में विलय एवं अधिग्रहण का बोलबाला रहेगा और तीन या चार आपरेटर ही बच पाएंगे।
6. ई कामर्स, सोशल मीडिया कंपनियों को भारत में रखना होगा अपना डाटा
• फ्लिपकार्ट जैसी खुदरा और सोशल मीडिया कंपनियों को अपने उपयोगकर्ताओं के आंकड़ों को भारत में ही रखना पड़ सकता है। ई-वाणिज्य क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय नीति के मसौदे में यह कहा गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सरकार कंपनी कानून में भी संशोधन पर विचार कर सकती है ताकि ई वाणिज्य कंपनियों में संस्थापकों की हिस्सेदारी घटने के बावजूद उनका अपनी ई-वाणिज्य कंपनियों पर नियंतण्रबना रह सके।
• मसौदा नीति के मुताबिक जिन आंकड़ों को भारत में ही रखने की आवश्यकता होगी, उसमें इंटरनेट आफ ¨थग्स (आईओटी) द्वारा संग्रहीत सामुदायिक आंकड़े, ई-वाणिज्य प्लेटफार्म, सोशल मीडिया, सर्च इंजन आदि समेत विभिन्न स्रेतों से उपयोगकर्ताओं द्वारा सृजित डाटा शामिल होगा। नीति में यह भी प्रस्ताव किया गया है कि सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा तथा सार्वजनिक नीति मकसद से भारत में रखे आंकड़ों तक पहुंच होगी।
• इसमें यह भी सुझाव दिया गया है कि ग्राहकों द्वारा सृजित आंकड़े उनके अनुरोध पर देश में विभिन्न मंचों के बीच भेजा जा सके।इसके लिये यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ई-वाणिज्य लेनदेन में शामिल विदेशी वेबसाइट उन्हीं नियमों का पालन करें। मसौदा में ई-वाणिज्य क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के संदर्भ में दिशानिर्देश के क्रियान्वयन के संदर्भ में शिकायतों के प्रबंधन के लिए प्रवर्तन निदेशालय में एक अलग प्रकोष्ठ गठित करने का सुझाव दिया गया है।
• सूत्रों के अनुसार ‘‘मार्केट प्लेस’ (ई-वाणज्यि कंपनियां) पर ब्रांडेड वस्तुएं खासकर मोबाइल फोन की थोक में खरीद पर पाबंदी लगाई जा सकती है क्योंकि इससे कीमतों में गड़बड़ी होती है। सरकार ने राष्ट्रीय ई-वाणिज्य नीति तैयार करने के लिए वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है।
7. जिम्बाब्वे में मुगाबे के राष्ट्रपति पद से हटने के बाद पहली बार चुनाव
• राबर्ट मुगाबे के पिछले साल राष्ट्रपति पद से हटने के बाद जिम्बाब्वे में आज पहली बार मतदान हुआ। इस चुनाव में विपक्ष ने कथित मतपत्र घोटाले से उबरकर सत्तारूढ जेडएएनयू-पीएफ को हराने का संकल्प जाहिर किया है।
• दक्षिण अफ्रीकी देश में हुए ऐतिहासिक चुनाव में एक समय में जेडएएनयू-पीएफ पार्टी में मुगाबे के सहयोगी रहे राष्ट्रपति एमर्सन नन्गाग्वा और एमडीसी पार्टी के नेल्सन चमीसा के बीच सीधा मुकाबला है। देशभर में सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं।
• चुनाव अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती संकेत बताते हैं कि देशभर में उच्च मतदान हुआ है। लगभग 30 साल तक देश के राष्ट्रपति रह चुके 94 वर्षीय मुगाबे ने पत्नी ग्रेस के साथ हरारे के एक चुनाव केंद्र पर मतदान किया।
• उन्हें पिछले साल नवम्बर में सेना ने अपदस्थ किया था। मुगाबे ने हालांकि एक दिन पहले मतदाताओं से जेडएएनयू-पीएफ को खारिज करने की अपील कर सभी को चौंका दिया था।
1.असम : राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर में 40 लाख लोग शामिल नहीं
• असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का अंतिम मसौदा 2.89 करोड़ नामों के साथ सोमवार को जारी किया गया लेकिन इसमें 40 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। अंतिम मसौदे में कुल 3,29,91,384 आवेदकों में से 2,89,84,677 के नाम शामिल किए गए हैं लेकिन 40,07,707 आवेदकों के नाम छोड़ दिए गए हैं।
• अंतिम मसौदे को जारी करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत के महापंजीयक शैलेश ने कहा, यह एनआरसी के अंतिम मसौदे के प्रकाशन के रूप में एक मील का पत्थर साबित होगा और यह हम सभी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने जोर दिया कि यह केवल अंतिम मसौदा था और सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद समग्र एनआरसी का प्रकाशन किया जाएगा।
• शैलेश ने कहा कि जिन लोगों को उनके नाम नहीं मिलते हैं, वे 30 अगस्त से 28 सितम्बर के बीच आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सात अगस्त से जिनके नाम छोड़े गए हैं, वे एनआरसी सेवा केंद्रों पर जाकर बहिष्कार के कारण पता कर सकेंगे और स्थानीय रजिस्ट्रार से पूछ सकेंगे। उन्होंने कहा, कोई भी व्यक्ति जो दावों और आपत्तियों के नतीजे से संतुष्ट नहीं है वह विदेशी मामलों से संबंधित न्यायाधिकरण के सामने अपील दायर कर सकता है।
• आरजीआई ने पूर्ण एनआरसी के प्रकाशन के लिए समय सीमा देने से इनकार कर दिया क्योंकि दावा केवल दावों और आपत्तियों को दर्ज कराने के बाद के चरण से ही संभव होगा। राज्य एनआरसी के मुख्य समन्वयक प्रतीक हाजेला ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार अंतिम मसौदे से चार श्रेणियों के नाम छोड़ दिए गए हैं।
2. होम्योपैथी परिषद (संशोधन) बिल पर लोकसभा की मुहर
• देश में हेम्योपैथी चिकित्सा शिक्षा के नियमन में पारदर्शिता लाने के लिए केंद्रीय होम्योपैथी परिषद की जगह संचालन मंडल के गठन संबंधी विधेयक लोकसभा में आज ध्वनिमत से पारित हो गया। यह विधेयक इस संबंध में इस साल मई में लाये गये अध्यादेश की जगह लेगा। आयुष मंत्री श्रीपद यशो नाइक ने विधेयक पर र्चचा का जवाब देते हुये सदन को आश्वस्त किया कि संचालन मंडल का गठन सिर्फ एक साल के लिए किया जायेगा तथा इस अवधि से पहले ही होम्योपैथी परिषद् का चुनाव कराकर उसकी शक्ति बहाल कर दी जायेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार पारंपरिक चिकित्सा पण्रालियों के नियमन एवं विकास के लिए वृहद अधिनियम लाने पर विचार कर रही है।
• विधेयक के तहत केंद्र सरकार को परिषद् की जगह संचालन मंडल के गठन का अधिकार दिया गया है। संचालन मंडल में अधिकतम सात सदस्य होंगे तथा परिषद् के पुनर्गठन तक यह परिषद् की जिम्मेदारियां निभायेगा। साथ ही यह विधेयक किसी भी नये होम्योपैथी कॉलेजों की स्थापना, पुराने कॉलेजों में सीटें बढ़ाने या नये पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए केंद्र सरकार की पूर्वानुमति को अनिवार्य बनाता है।
• नाइक ने कहा कि सरकार आयुष के सभी पण्रालियों आयुव्रेद, योग, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी के नियमन एवं विकास के लिए एक नया अधिनियम लाने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। यह एक वृहद अधिनियम होगा। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी को सक्षम बनाने के लिए आयुष मंत्रालय का प्रयास जारी रहेगा।
• नाइक ने कहा कि अध्यादेश की जरूरत इसलिए पड़ी कि कॉलेजों में दाखिले का समय आ गया था और उससे पहले कॉलेजों का निरीक्षण कर उन्हें अनुमति देनी जरूरी थी। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिन में 50 प्रतिशत कॉलेजों में तथा दो महीने के सभी होम्योपैथी कॉलेजों में दाखिला शुरू हो जायेगा।
3. बच्चियों से दुष्कर्म पर मौत की सजा का बिल पास
• लोकसभा ने सोमवार को 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों को मौत की सजा देने वाले बिल को मंजूरी दे दी। यह बिल 21 अप्रैल को लाए गए आपराधिक कानून (संशोधन) अध्यादेश की जगह लेगा।
• अध्यादेश कठुआ में बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या और उन्नाव कांड के बाद लाया गया था। 1दो घंटे की बहस का जवाब देते हुए गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि इस कड़े कानून का उद्देश्य बच्चियों को सुरक्षा प्रदान करना है।
• उन्होंने कहा कि अभी तक की व्यवस्था में महिलाओं से दुष्कर्म पर कानून का प्रावधान था, लेकिन 12 और 16 वर्ष से छोटी बच्चियों के संदर्भ में ऐसा कोई कानून नहीं था।
• रिजिजू ने कहा कि यह कानून बच्चियों को सुरक्षा प्रदान करेगा। बहस के दौरान सदन की अध्यक्षता कर रहे उपाध्यक्ष एम थंबीदुरई ने कहा कि इस कानून के प्रावधानों का अधिक से अधिक प्रचार किया जाए। रिजिजू ने इस पर सहमति जताई। 1बहस के दौरान भाजपा की किरण खेर ने बिल को जहां महिलाओं के भविष्य का सुरक्षित करने वाला बताया, वहीं कांग्रेस की रंजीत रंजन ने बिहार के मुजफ्फरपुर बाल गृह में बच्चियों से दुष्कर्म का मुद्दा उठाया।
• एआइएमआइएम के असदुद्दीन ओवैसी ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि ऐसा अपराध करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन इस बिल में किए गए प्रावधानों के बाद देश सऊदी अरब व ईरान की कतार में खड़ा हो जाएगा। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने बिल में और सुधार की बात कहते हुए इसे प्रवर समिति में भेजने को कहा।’
• 12 साल से कम उम्र की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में कम से कम 20 वर्ष की सजा होगी। यह आजीवन कैद और मृत्यु दंड में भी बदल सकती है। 1’ 12 साल से कम उम्र की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आजीवन कैद और मृत्यु दंड का प्रावधान किया गया है।
• 16 साल से कम उम्र की लड़की से दुष्कर्म के मामले में न्यूनतम सजा को 10 वर्ष से बढ़ाकर 20 वर्ष कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सजा आजीवन कैद में भी बदल सकती है।
• सभी तरह के दुष्कर्म के मामलों में दो महीने में जांच पूरी करनी होगी।’ दो महीने में सुनवाई पूरी करनी होगी। पूरा मामला छह महीने में निपटाना होगा।
• 16 साल से कम उम्र की लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आजीवन कैद तक का प्रावधान रखा गया है।
• 16 साल से कम उम्र की लड़कियों से दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अंतरिम जमानत का प्रावधान नहीं रखा गया है।
• 16 साल से कम उम्र की लड़कियों से दुष्कर्म के मामले में जमानत पर निर्णय लेने से पहले कोर्ट को सरकारी वकील या पीड़ित पक्ष को नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का वक्त देना होगा।
4. अमेरिका ने नाटो देशों की तर्ज पर भारत को दिया रणनीतिक कारोबारी भागीदार का दर्जा
• भारत के साथ कारोबार से जुड़े कुछ मुद्दों पर पिछले कुछ महीनों से चल रहे तनाव के बीच अमेरिका ने एलान किया है कि वह भारत को रणनीतिक व्यापारिक भागीदार का दर्जा देने जा रहा है। यह एलान अमेरिका के वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस ने वाशिंगटन में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए अमेरिका की बहुप्रतीक्षित आर्थिक नीति की घोषणा करते हुए किया।
• अमेरिका के सबसे शक्तिशाली उद्योग चैंबरों की तरह से आयोजित एक समारोह में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के कई आला अधिकारियों ने संबोधित किया और उन सभी के भाषण का लब्बोलुबाव यह था कि हंिदू व प्रशांत महासागर के क्षेत्र में उनकी अर्थ नीति व कूटनीति में भारत का स्थान अहम होगा।
• अमेरिकी प्रशासन के इस एलान के साथ ही वहां के दो बड़े आर्थिक संगठनों यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डवलपमेंट (यूएसएड) और अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (एमचैम) ने आपस में एक समझौता किया है जिसका उद्देश्य भारत की आर्थिक चुनौतियों को दूर करने के लिए वे अमेरिकी सरकार व अमेरिकी कंपनियों के साथ उचित कदम उठाएंगे। लेकिन सबसे अहम एलान भारत को स्ट्रेटजिक ट्रेड पार्टनर का दर्जा देने का है।
• इसका मतलब यह हुआ कि भारत के साथ कारोबारी रिश्तों को नाटो (नार्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन) के सदस्य देशों के साथ कारोबार के तर्ज पर ही वरीयता दी जाएगी।
• नाटो अमेरिका की अगुआई में उत्तरी अमेरिका व यूरोपीय देशों का संगठन है, जिनके बीच रक्षा सहयोग का समझौता है। सनद रहे कि तकरीबन डेढ़ वर्ष पहले अमेरिका ने भारत को नाटो के सदस्य देशों की तरह ही रक्षा साङोदार का दर्जा दिया था। यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल के मुताबिक स्ट्रेटजिक ट्रेड ऑथोराइजेशन का दर्जा मिलने से भारत के साथ कारोबार करने के लिए वहां के निर्यातकों को अब कम लाइसेंस लेने की जरूरत होगी।
• इससे कुछ ही देर पहले यूएसएड और अमेरिकी चैंबर की तरफ से यह एलान किया गया कि वह आपस में एक समझौता कर रहे हैं। इसका मकसद यह है कि अमेरिकी उद्योग जगत और वहां की सरकार संयुक्त तौर पर भारत की सबसे बड़ी चुनौतियों के अलावा ऊर्जा, जल संसाधन व महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सहयोग दिया जाए।
5. वोडाफोन - आइडिया की विलय प्रक्रिया पूरी
• दूरसंचार क्षेत्र में जारी गलाकट प्रतिस्पर्धा से टक्कर के लिए आइडिया सेलुलर और वोडाफोन इंडिया के विलय के लिए सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। इसके लिए लगभग सभी औपचारिकतायें भी पूरी हो गई हैं। शीघ्र ही विलय वाली कंपनी ‘‘वोडाफोन आइडिया लिमिटेड’ नाम से परिचालन शुरू करेगी।
• आइडिया सेलुलर ने सोमवार को जारी तिमाही वित्तीय लेखाजोखा में कहा कि वोडाफोन इंडिया लि. और वोडाफोन माबाइल सर्विसेस लि. का आइडिया में विलय को दूरसंचार विभाग की मंजूरी मिल गयी है और वह विलय प्रक्रिया के अंतिम चरण में है। उसने कहा कि विलय वाली कंपनी वोडाफोन आइडिया लि. के नाम से संचालन करेगी और वह 40.8 करोड़ ग्राहकों के साथ देश की सबसे बड़ी और दुनिया की दूसरी बड़ी दूरसंचार कंपनी होगी।
• उसने कहा कि दोनों कंपनियां अभी इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग के तहत काम कर रही है और 66 हजार टेलीकाम टावरों पर शेयरिंग की जा रही है।उल्लेखनीय है कि उद्योगपति मुकेश अंबानी की दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो के सेवा प्रारंभ करने के बाद शुरू हुयी गलाकट प्रतिस्पर्धा की वजह से भारतीय दूरसंचार क्षेत्र को भारी आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह से कई छोटी कंपनियों का पहले की दूसरी कंपनियों में विलय हो चुका है या बंद हो चुकी है।
• वोडाफोन और आइडिया सेलुलर का विलय इस उद्योग के लिए बड़ी घटना है। उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ वर्षों में भारतीय दूरसंचार बाजार में विलय एवं अधिग्रहण का बोलबाला रहेगा और तीन या चार आपरेटर ही बच पाएंगे।
6. ई कामर्स, सोशल मीडिया कंपनियों को भारत में रखना होगा अपना डाटा
• फ्लिपकार्ट जैसी खुदरा और सोशल मीडिया कंपनियों को अपने उपयोगकर्ताओं के आंकड़ों को भारत में ही रखना पड़ सकता है। ई-वाणिज्य क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय नीति के मसौदे में यह कहा गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सरकार कंपनी कानून में भी संशोधन पर विचार कर सकती है ताकि ई वाणिज्य कंपनियों में संस्थापकों की हिस्सेदारी घटने के बावजूद उनका अपनी ई-वाणिज्य कंपनियों पर नियंतण्रबना रह सके।
• मसौदा नीति के मुताबिक जिन आंकड़ों को भारत में ही रखने की आवश्यकता होगी, उसमें इंटरनेट आफ ¨थग्स (आईओटी) द्वारा संग्रहीत सामुदायिक आंकड़े, ई-वाणिज्य प्लेटफार्म, सोशल मीडिया, सर्च इंजन आदि समेत विभिन्न स्रेतों से उपयोगकर्ताओं द्वारा सृजित डाटा शामिल होगा। नीति में यह भी प्रस्ताव किया गया है कि सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा तथा सार्वजनिक नीति मकसद से भारत में रखे आंकड़ों तक पहुंच होगी।
• इसमें यह भी सुझाव दिया गया है कि ग्राहकों द्वारा सृजित आंकड़े उनके अनुरोध पर देश में विभिन्न मंचों के बीच भेजा जा सके।इसके लिये यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ई-वाणिज्य लेनदेन में शामिल विदेशी वेबसाइट उन्हीं नियमों का पालन करें। मसौदा में ई-वाणिज्य क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के संदर्भ में दिशानिर्देश के क्रियान्वयन के संदर्भ में शिकायतों के प्रबंधन के लिए प्रवर्तन निदेशालय में एक अलग प्रकोष्ठ गठित करने का सुझाव दिया गया है।
• सूत्रों के अनुसार ‘‘मार्केट प्लेस’ (ई-वाणज्यि कंपनियां) पर ब्रांडेड वस्तुएं खासकर मोबाइल फोन की थोक में खरीद पर पाबंदी लगाई जा सकती है क्योंकि इससे कीमतों में गड़बड़ी होती है। सरकार ने राष्ट्रीय ई-वाणिज्य नीति तैयार करने के लिए वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है।
7. जिम्बाब्वे में मुगाबे के राष्ट्रपति पद से हटने के बाद पहली बार चुनाव
• राबर्ट मुगाबे के पिछले साल राष्ट्रपति पद से हटने के बाद जिम्बाब्वे में आज पहली बार मतदान हुआ। इस चुनाव में विपक्ष ने कथित मतपत्र घोटाले से उबरकर सत्तारूढ जेडएएनयू-पीएफ को हराने का संकल्प जाहिर किया है।
• दक्षिण अफ्रीकी देश में हुए ऐतिहासिक चुनाव में एक समय में जेडएएनयू-पीएफ पार्टी में मुगाबे के सहयोगी रहे राष्ट्रपति एमर्सन नन्गाग्वा और एमडीसी पार्टी के नेल्सन चमीसा के बीच सीधा मुकाबला है। देशभर में सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं।
• चुनाव अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती संकेत बताते हैं कि देशभर में उच्च मतदान हुआ है। लगभग 30 साल तक देश के राष्ट्रपति रह चुके 94 वर्षीय मुगाबे ने पत्नी ग्रेस के साथ हरारे के एक चुनाव केंद्र पर मतदान किया।
• उन्हें पिछले साल नवम्बर में सेना ने अपदस्थ किया था। मुगाबे ने हालांकि एक दिन पहले मतदाताओं से जेडएएनयू-पीएफ को खारिज करने की अपील कर सभी को चौंका दिया था।